गोरखपुर/ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत जंगल कौड़िया ब्लॉक मुख्यालय में एक सफाई कर्मी का ड्यूटी के दौरान शराब पीते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। वायरल तस्वीर में सफाई कर्मी कार्यालय के भीतर बैठकर सिगरेट पीते और शराब का सेवन करते नजर आ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सफाई कर्मी संतोष कुमार यादव को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि यह फोटो एडीओ पंचायत कार्यालय से जुड़ा हुआ है। तस्वीर में सफाई कर्मी के हाथ में सिगरेट है और मेज पर शराब की बोतल, नमकीन, पानी का गिलास और सिगरेट का पैकेट साफ दिखाई दे रहा है। बैकग्राउंड में लकड़ी की अलमारी पर “पंचायत 22” अंकित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना ब्लॉक कार्यालय परिसर के भीतर की है। फोटो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि संतोष कुमार यादव पर ड्यूटी के दौरान मदिरा सेवन करने, कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करने, अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने तथा उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जैसे ही मामला संज्ञान में आया, ब्लॉक प्रशासन ने तत्काल जांच करवाई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालय में इस प्रकार की लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक सख्त संदेश है कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और अनुशासन के साथ पालन करें।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी देखी गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या है। कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और आम नागरिकों का भरोसा कमजोर करती हैं। वहीं, कई यूजर्स ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की और इसे एक सकारात्मक कदम बताया।
जंगल कौड़िया ब्लॉक मुख्यालय में यह घटना सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर ब्लॉक कार्यालय को जनता की समस्याओं के समाधान और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र माना जाता है। ऐसे में कार्यालय परिसर में ही शराब पीते कर्मचारी की तस्वीर सामने आना बेहद शर्मनाक माना जा रहा है। प्रशासन अब कार्यालयों में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है।
ब्लॉक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि निलंबन के साथ-साथ पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में अन्य कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अपने आचरण में सुधार लाने की आवश्यकता है, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद ब्लॉक स्तर पर कर्मचारियों के आचरण और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, कर्मचारियों को आचरण नियमावली के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।
