उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन” अभियान के तहत पीपीगंज पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। निवेश और जमीन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी अभिषेक श्रीवास्तव को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया गया है। आरोपी के विरुद्ध पीपीगंज थाने में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और उसका लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष पीपीगंज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। उपनिरीक्षक सौरभ कुमार यादव, आरक्षी विजय कुमार गौड़ एवं आरक्षी चंद्राकर यादव की टीम ने थाना पीपीगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 407/25 एवं 430/25 से संबंधित आरोपी अभिषेक श्रीवास्तव पुत्र शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को महाराष्ट्र राज्य से 22 जून 2026 को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपी को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर मुकदमा संख्या 407/25 के अंतर्गत 24 जून 2026 को सुबह 11 बजे तक का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया और उसे गोरखपुर लेकर आई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक आदित्य सिंह द्वारा की जा रही है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित रविकांत उपाध्याय निवासी वार्ड संख्या-17 अटल नगर, पीपीगंज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अभिषेक श्रीवास्तव, जान्हवी राठौर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव तथा दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।
आरोपियों ने दावा किया था कि निवेश पर 15 से 20 प्रतिशत तक का आकर्षक रिटर्न मिलेगा और साथ ही 2000 वर्गफुट जमीन भी उनके नाम रजिस्ट्री कराई जाएगी। आरोपियों द्वारा दिखाए गए कथित दस्तावेजों और आश्वासनों पर विश्वास कर पीड़ित ने छह माह के दौरान नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 11 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया। लेकिन न तो उन्हें कोई रिटर्न मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।
जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान-माल की धमकी दी और रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
मामले में एक अन्य वादी प्रभाकर यादव निवासी डिंगुरी, थाना पनियरा, जनपद महराजगंज ने भी आरोप लगाया है कि अभिषेक श्रीवास्तव ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी तथा Siddhatva Infra Solutions Pvt. Ltd. का सीईओ बताकर कई लोगों को झांसा दिया। आरोपी ने दूसरे की जमीन को अपनी बताकर लोगों से लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन बाद में रजिस्ट्री नहीं कराई।
पीड़ितों का आरोप है कि जब भी रजिस्ट्री कराने की बात की जाती थी, आरोपी बहाने बनाकर टाल-मटोल करता रहता था और अंततः लोगों की मेहनत की कमाई हड़प ली गई।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार अभिषेक श्रीवास्तव के विरुद्ध थाना पीपीगंज में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, धमकी और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध मुकदमा संख्या 120/25, 121/25, 138/25, 139/25, 339/25, 407/25, 430/25 सहित वर्ष 2020 का एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है। अधिकांश मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 504 और 506 जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक सौरभ यादव, कांस्टेबल विजय गौड़ तथा कांस्टेबल चंद्राकर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पीपीगंज पुलिस की इस कार्रवाई को निवेश और भूमि कारोबार के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोहों के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान यदि अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
