उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद के पीपीगंज क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर-हरपुर एवं हरपुर-गोपालापुर पिच मार्ग की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह मार्ग जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की जर्जर हालत के कारण राहगीरों, वाहन चालकों तथा स्कूली बच्चों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत एवं गड्ढा मुक्त अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर मरम्मत कार्य पूरा नहीं कराया गया। ऐसे में विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार भगवानपुर-हरपुर पिच मार्ग लगभग दो किलोमीटर तथा हरपुर-गोपालापुर पिच मार्ग भी करीब दो किलोमीटर लंबा है। कुल चार किलोमीटर की यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होकर गहरे गड्ढों में बदल चुकी है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।
इस मार्ग से नगर पंचायत क्षेत्र के मंगलपुर, बनकटवा, हरपुर, कोल्हुआ, बरहटा समेत ग्राम पंचायत गोपालापुर, राखूखोर, फरदहनी और नेंतवर बाजार सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ रहे हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
स्थानीय निवासी रामसजीवन पांडेय, उमाशंकर पांडेय, आल्हा चौरसिया, सत्येन्द्र सहानी, यशवंत सिंह, सुरेश सिंह, सुभाष, राजेश, राजाराम रावत तथा जगरनाथ सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़क है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण बाइक, साइकिल और चारपहिया वाहनों का संचालन मुश्किल हो गया है। कई बार वाहन चालक असंतुलित होकर गिर भी चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को कई बार सड़क की मरम्मत कराने के लिए अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि शासन के निर्देशों के बावजूद सड़क मरम्मत कार्य समय पर पूरा नहीं कराया गया।
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि भगवानपुर-हरपुर एवं हरपुर-गोपालापुर मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराकर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनहित में आंदोलन करने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।
