उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर के नगर पंचायत पीपीगंज की सुंदरता और स्वच्छता पर इन दिनों जलभराव की समस्या दाग लगाती नजर आ रही है। गोरखपुर–सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर सड़क पर जमा पानी राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लगातार बनी इस समस्या के चलते लोगों में नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गोरखपुर से नेपाल को जोड़ने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, पर्यटक, व्यापारी और नेपाल जाने वाले यात्री इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर जलभराव न केवल आवागमन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि नगर पंचायत पीपीगंज की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले यात्रियों के मन में नगर पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर गलत संदेश जाता है, जिससे क्षेत्र की पहचान भी प्रभावित होती है।
बारिश के बाद मुख्य सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का खतरा बना रहता है। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।

नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर-6 अब्दुल कलाम नगर में भी जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। कॉलोनी की गलियों और मुख्य संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से स्थानीय निवासियों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत की ओर से जल निकासी के लिए एक पानी निकालने वाली मोटर लगाई गई है, लेकिन उसकी क्षमता क्षेत्र में जमा पानी को निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है। परिणामस्वरूप कई दिनों तक पानी जमा रहता है और लोगों को बदहाल स्थिति में आवागमन करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि जिस मार्ग से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का नियमित आवागमन होता है, उसी मार्ग की बदहाल स्थिति अब तक नहीं सुधर पाई है। इससे आमजन में नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ सकता है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। नगर पंचायत को जल निकासी के लिए मजबूत नाला व्यवस्था, नियमित सफाई अभियान और वर्षा जल निकासी की स्थायी योजना तैयार करनी होगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जल निकासी तंत्र को दुरुस्त करना भी आवश्यक है, ताकि बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा न हो।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि नगर पंचायत वास्तव में आदर्श नगर पंचायत बनने का दावा करती है, तो सबसे पहले मुख्य मार्गों और आवासीय क्षेत्रों की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान करना होगा। स्वच्छ और सुरक्षित सड़कें ही किसी नगर की पहचान होती हैं। नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर लोगों को इस समस्या से राहत दिलाने की मांग की है।
