गोरखपुर/ जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल कौड़िया चौकी इलाके में एक शादी समारोह के दौरान 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक अशोक निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिजनों के साथ रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आई थी। जयमाल कार्यक्रम के बाद बच्ची अचानक लापता हो गई। परिजनों ने पहले समारोह स्थल और आसपास खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिली तो हड़कंप मच गया।
समारोह स्थल से करीब 200 मीटर दूर बच्ची खून से लथपथ और अचेत अवस्था में मिली। परिजन तत्काल उसे जंगल कौड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है।
शादी समारोह में लगाए गए ड्रोन कैमरे की फुटेज की जांच के दौरान अहम सुराग मिला। फुटेज में आरोपी युवक बच्ची को पंडाल से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की। सूत्रों के अनुसार आरोपी उसी गांव का रहने वाला है जहां शादी समारोह आयोजित था।
घटना की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह कैंपियरगंज के क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह और पीपीगंज पुलिस टीम फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए गए और मामले की जांच शुरू की गई।
सीओ अनुराग सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को भोर करीब 3 बजे सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को जिला अस्पताल भिजवाया और उसी गांव के आरोपी अशोक निषाद को हिरासत में ले लिया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
पीपीगंज के थानाध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोषी को कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने बच्ची को न्याय दिलाने की मांग की है। एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
