गोरखपुर/ गोरखपुर जनपद के पीपीगंज स्थित एम एल पैलेस में विद्युत विभाग द्वारा जनसुनवाई समाधान कैंप का आयोजन किया गया, जहां क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस जनसुनवाई शिविर में कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 12 शिकायतों को संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को निस्तारण के लिए सौंपा गया, जबकि 8 शिकायतों को अधिशासी अभियंता के पास जांच हेतु भेजा गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी मामलों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

जनसुनवाई समाधान कैंप में बड़ी संख्या में स्थानीय उपभोक्ता उपस्थित रहे। बिजली बिल में त्रुटि, कनेक्शन संबंधी समस्या, मीटर खराबी और लो-वोल्टेज जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान करने का प्रयास किया, जबकि जटिल मामलों को जांच के लिए अग्रसारित किया गया।
अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई कैंप का उद्देश्य आम जनता को विभागीय कार्यालयों के चक्कर से राहत देना और एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन 8 शिकायतों को जांच के लिए भेजा गया है, उनका निष्पक्ष जांच के बाद जल्द निस्तारण किया जाएगा।
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि मनोज सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत विभाग के कार्यालय में धन उगाही की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत दिए आम उपभोक्ताओं का कार्य नहीं किया जाता। यह आरोप सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों में चर्चा का माहौल बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता भ्रष्टाचार में पाई जाती है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया।
स्थानीय लोगों ने भी जनसुनवाई समाधान कैंप की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन होता रहेगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के कैंप से उनकी समस्याएं सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचती हैं, जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज होती है।
इस दौरान एसडीओ पीपीगंज अमित आनंद, एसडीओ सिंहोरवा आशीष शुक्ला, एसडीओ कैंपियरगंज राघवेंद्र साहू और डिवीजन के सभी अवर अभियंता सहित बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।
अब देखना यह होगा कि जांच के लिए भेजी गई 8 शिकायतों का समाधान कितनी तेजी से होता है और भ्रष्टाचार के आरोपों पर विभाग क्या कदम उठाता है। फिलहाल, विधायक की सख्त चेतावनी के बाद विभागीय कर्मचारियों में हलचल देखी जा रही है।
