गोरखपुर/ पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ा अभियान चलाया। भारतीय रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत चलाए गए इस अभियान में करीब 96 दुकानों के आगे और पीछे दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाया गया।

रेलवे प्रशासन ने जेसीबी मशीन (बुलडोजर) और आठ कर्मचारियों की टीम की मदद से पूरे स्टेशन परिसर में व्यापक कार्रवाई की। इस दौरान अतिक्रमण कर बनाए गए अस्थायी ढांचे और अतिरिक्त कब्जों को पूरी तरह हटाया गया, जिससे स्टेशन क्षेत्र को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया जा सके।

अभियान की अगुवाई आनंद नगर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) इसरार अहमद ने की। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार दोबारा निर्धारित और आवंटित क्षेत्रफल से अधिक अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण के कारण स्टेशन परिसर में यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक गंभीर समस्या बन चुकी थी। ऐसे में इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्टेशन परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस कार्रवाई के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम भी पूरी तरह मुस्तैद रही। अभियान में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के साथ-साथ स्थानीय पुलिसकर्मियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।
अभियान में सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ जितेंद्र कुमार गुप्ता, नकहा आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ, आरपीएफ उपनिरीक्षक सोनू जांगिड़, दीपिका यादव, चौकी प्रभारी नौतनवा शिव शंकर यादव, छविनाथ यादव, उदय राज गौड़, पीपीगंज कस्बा चौकी प्रभारी आदित्य कुमार सिंह, मनीष राज, कांस्टेबल गोविंद यादव, अमित गिरी और महिला आरक्षियों सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रेलवे प्रशासन की इस कार्यवाही को जहां यात्रियों ने खूब सराहना की वही रेल द्वारा आवंटित दुकान के मालिकों का कहना है कि धूप, बरसात और ठंडी के महीनों में यात्रियों को छांव की जरूरत होती है। इसलिए दुकानदारों के टीन शेड को यात्रियों की सहूलियत को देखकर नहीं तोड़ना चाहिए। क्योंकि बारिश और धूप के समय में यात्रियों को यही टीन शेड बचाते है जिससे यात्री आराम से अपने गंतव्य की ओर जाते है।
जबकि रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टेशन परिसर और रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और निर्धारित सीमा के भीतर ही अपने व्यवसाय का संचालन करें।
यह अभियान न केवल अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से स्टेशन का माहौल बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
