पुष्पलता सिंह अम्मा द्वारा तीन लावारिस शवों की अंत्येष्टि आज, एक प्रार्थना बनेगी अज्ञात आत्माओं की शांति का सहारा

गोरखपुर/ गोरखपुर में मानवता और संवेदनशीलता का एक मार्मिक दृश्य आज देखने को मिलेगा। 12 मार्च 2026 को शाम 5:00 बजे राजघाट नगर निगम घाट पर तीन लावारिस शवों की अंत्येष्टि की जाएगी। ये वे अज्ञात आत्माएं हैं, जिन्होंने जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी अपनों का साथ नहीं पाया और बिना पहचान के इस दुनिया से विदा हो गए।

मातृ आंचल सेवा संस्थान की पहल पर इन तीनों अज्ञात शवों का पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर शहर के लोगों से अपील की गई है कि वे घाट पर पहुंचकर इन आत्माओं की शांति के लिए एक मोमबत्ती जलाएं और दो पल की प्रार्थना करें।

समाज में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जब किसी व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाती और उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी प्रशासन या समाजसेवी संस्थाओं को निभानी पड़ती है। ऐसे में मानवता का यह कर्तव्य बन जाता है कि हम इन अनजान आत्माओं को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दें।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर इंसान को सम्मान के साथ विदाई मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में दुनिया से विदा हुआ हो। ऐसे कार्यक्रम न केवल मानवता की भावना को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को भी संवेदनशील बनने का संदेश देते हैं।

इस अवसर पर शहरवासियों से करबद्ध निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में राजघाट नगर निगम घाट पर पहुंचें और इन लावारिस आत्माओं के लिए एक दीप या मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना करें। आपकी एक छोटी-सी श्रद्धांजलि और प्रार्थना उन आत्माओं की शांति का कारण बन सकती है।

मानवता और संवेदनशीलता का यह संदेश समाज में सकारात्मक सोच और करुणा को बढ़ावा देता है। ऐसे आयोजन हमें यह याद दिलाते हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और अंतिम यात्रा में भी हर व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए।

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