बस्ती/ बस्ती में शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के बीच उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब प्रदेश सरकार द्वारा उनके मानदेय में वृद्धि का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार, मानदेय में बढ़ोतरी के बाद अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। बस्ती जनपद के 354 अनुदेशक इस घोषणा से विशेष रूप से उत्साहित हैं।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है और समय-समय पर उनके हित में ठोस निर्णय लिए हैं।
शिक्षामित्रों ने यह भी कहा कि यह केवल मानदेय वृद्धि नहीं, बल्कि उनके वर्षों के समर्पण और परिश्रम का सम्मान है। सीमित मानदेय में कार्य करते हुए उन्हें अनेक आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह निर्णय उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
अनुदेशकों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे पहले से अधिक उत्साह एवं निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति बस्ती के जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 17,000 रुपये मानदेय किए जाने पर प्रदेश के 24,717 अनुदेशकों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही एरियर का भुगतान भी किया जाएगा, जिससे सभी अनुदेशकों के जीवन में खुशियों का संचार होगा।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ बस्ती के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय मंत्री बीरेन्द्र कुमार शुक्ल ने भी मुख्यमंत्री एवं बेसिक शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शिक्षामित्रों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।
शिक्षामित्रों ने सरकार से अपेक्षा जताई कि भविष्य में भी 12 माह नियमित मानदेय के साथ महंगाई के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने एक स्वर में सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और शिक्षा क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
