वन विभाग और पुलिस की छापेमारी में 22 बोट सागौन की अवैध लकड़ी बरामद, जांच शुरू

गोरखपुर/ गोरखपुर जिले में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से रखी गई सागौन की लकड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम और पुलिस ने छापेमारी करते हुए 22 बोट सागौन की लकड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई सूचना मिलने के बाद वन रेंज मेहदावल क्षेत्र के राजडीह गांव में की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि राजडीह क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से सागौन की लकड़ी जमा करके रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी की। जांच के दौरान वहां से 22 बोट सागौन की लकड़ी बरामद की गई। बरामद लकड़ी को वन विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई सभी लकड़ियों पर वन निगम की छपान संख्या दर्ज है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह लकड़ी सरकारी कटान से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह लकड़ी वहां तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, वन रेंज फरेंदा क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों वन निगम द्वारा पेड़ों की कटान का कार्य चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी में यह संभावना जताई जा रही है कि बरामद की गई सागौन की लकड़ी उसी क्षेत्र से लाई गई हो सकती है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

वन विभाग की टीम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले को लेकर डीएफओ गोरखपुर विकास यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की सतर्कता और अवैध लकड़ी के कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिशों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि अगर इस तरह की नियमित कार्रवाई होती रही तो अवैध कटान और लकड़ी तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई फिलहाल इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

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