गोरखपुर/ राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ की ब्लाक इकाई कैम्पियरगंज की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक रविवार को राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के तत्वावधान में जनार्दन सिंह स्मारक इंटर कॉलेज बरगदही मछलीगांव में संपन्न हुई। बैठक में ब्लाक क्षेत्र के विद्यालयों के संचालन में आ रही प्रशासनिक, आर्थिक एवं व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन से जुड़ी जमीनी समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान हेतु सामूहिक रणनीति तैयार करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य परमहंस सिंह तथा जिला संरक्षक वीरेंद्र सिंह ने संगठन की एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे में विद्यालय प्रबंधकों की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक है, तभी शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखा जा सकता है।
ब्लाक अध्यक्ष धनपत विश्वकर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आरटीई (RTE) प्रतिपूर्ति की राशि समय से न मिलना विद्यालयों के लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों को मान्यता नवीनीकरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो विद्यालय संचालन कठिन हो जाएगा। इसके लिए संगठन स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ठोस पहल की जाएगी।
बैठक में जिला मंत्री जितेंद्र यादव, जिला कार्यकारी सदस्य बंशीधर जायसवाल, जिला मंत्री शैलेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष अप्पू यादव एवं महामंत्री सत्यदेव गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन के बीच समन्वय आवश्यक है।
वक्ताओं ने यह भी सुझाव दिया कि समय-समय पर इस प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाए, ताकि समस्याओं पर खुलकर चर्चा हो सके और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
बैठक में संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। ब्लाक उपाध्यक्ष श्रीधर साहनी एवं दीपक साहनी, कार्यालय प्रमुख रोहित सहानी तथा मीडिया प्रभारी सत्येंद्र कुमार यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञानेंद्र यादव और चंद्रसेन सिंह सहित कई विद्यालय प्रबंधकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कहा कि सामूहिक प्रयास से ही समस्याओं का समाधान संभव है।
