गोरखपुर/ लखनऊ मंडल के गोरखपुर नौतनवा रेल खंड के पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर पिछले एक सप्ताह से गहराए पेयजल संकट ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने से यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय यात्रियों और दैनिक रेल यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, 23 जून 2026 से स्टेशन परिसर में स्थापित बोरवेल की मोटर खराब होने के कारण पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी है। इसके चलते प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में लगे अधिकांश नलों से पानी नहीं आ रहा है। जहां कुछ स्थानों पर पानी उपलब्ध है, वहां से बालू युक्त और गंदला पानी निकलने की शिकायत सामने आई है। यात्रियों का कहना है कि ऐसा पानी पीने योग्य नहीं है और इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बना हुआ है।

गर्मी के इस मौसम में रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय एवं दूरदराज के यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध न होने से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई यात्रियों को स्टेशन के बाहर दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनका अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, बोरवेल की मोटर खराब होने की सूचना संबंधित विभाग और उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अधिकारियों ने शीघ्र मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन दिया है। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यात्रियों ने केवल पेयजल संकट ही नहीं, बल्कि स्टेशन पर अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर भी रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और बाहर निकलने में कठिनाई होती है।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर बैठने के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं हैं। ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि यदि प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था कर दी जाए तो उन्हें काफी राहत मिल सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपीगंज रेलवे स्टेशन क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे स्टेशन पर पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का एक सप्ताह तक ठप रहना रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों का मानना है कि इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से मौजूद होनी चाहिए, ताकि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि खराब बोरवेल मोटर की तत्काल मरम्मत कराकर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही स्टेशन परिसर में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था, प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त बेंच, सुव्यवस्थित पार्किंग और यातायात प्रबंधन की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाता है तो यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सकेगा।
