उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के राखूखोर गांव में शुक्रवार की शाम पुरानी रंजिश के चलते एक बड़ा आपराधिक घटनाक्रम सामने आया। दो युवकों ने गांव पहुंचकर एक युवक पर कथित रूप से पिस्तौल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते बड़ी वारदात होने से टल गई। लोगों ने तत्काल दोनों युवकों को पकड़ लिया, उनके पास मौजूद पिस्तौल छीन ली और कैंपियरगंज पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीण हस्तक्षेप नहीं करते तो कोई गंभीर घटना हो सकती थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, राखूखोर गांव की एक किशोरी स्थानीय इंटर कॉलेज में पढ़ाई करती है। आरोप है कि पड़ोसी गांव के दो युवक अक्सर उसके साथ छेड़खानी करते थे। इसी बात को लेकर लगभग पांच दिन पहले स्कूल के पास राखूखोर निवासी रिक्की चौधरी और बबलू चौधरी की गुरम गांव निवासी दीपांकर सिंह (पुत्र स्वर्गीय विकास सिंह) तथा फरदहनी निवासी प्रांजल दुबे (पुत्र अखिलेश दुबे) से मारपीट हुई थी।
बताया जा रहा है कि उसी विवाद की रंजिश को लेकर शुक्रवार शाम करीब चार बजे दीपांकर सिंह और प्रांजल दुबे एक बाइक से राखूखोर गांव पहुंचे। उस समय रिक्की चौधरी और बबलू चौधरी गांव की एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। गांव में आने का कारण पूछने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान दीपांकर सिंह ने अपनी कमर से पिस्तौल निकालकर रिक्की चौधरी के सीने पर तान दी और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
रिक्की द्वारा शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने बिना देर किए साहस का परिचय देते हुए दीपांकर को पकड़ लिया और उसके हाथ से पिस्तौल छीन ली। वहीं उसके साथी प्रांजल दुबे को भी ग्रामीणों ने दबोच लिया। इसके बाद दोनों युवकों को हथियार सहित पुलिस के हवाले कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही कैंपियरगंज पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुराग सिंह भी घटनास्थल पहुंचे और दोनों आरोपित युवकों से पूछताछ की। पुलिस ने पिस्तौल को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीओ अनुराग सिंह ने बताया कि दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है कि 18 से 20 वर्ष की उम्र के युवकों के पास पिस्तौल जैसा खतरनाक हथियार कहां से आया और उसका लाइसेंस वैध है या नहीं। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
