उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जिले के नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 6 में रेलवे लाइन के बगल स्थित नगर पंचायत की बेशकीमती जमीन को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त करा लिया। आराजी नंबर 268 जो बंजर जमीन के नाम पर दर्ज है। इसका कुल रकबा करीब 235 एयर है। इस बंजर जमीन पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई कैंपियरगंज तहसील प्रशासन, नगर पंचायत प्रशासन और पीपीगंज पुलिस के सहयोग से की गई। कार्रवाई कैंपियरगंज के एसडीएम आलोक रंजन के आदेश पर किए जाने की बात नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कही गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नगर पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक और नगर पंचायत की जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चिह्नित किए गए अन्य अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बताया गया कि नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 6 में रेलवे लाइन के किनारे स्थित आराजी नंबर 268 जो बंजर के नाम में दर्ज है। इस बंजर जमीन पर लंबे समय से कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार जमीन नगर पंचायत की संपत्ति है और इस पर कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया था।

मामले में कैंपियरगंज एसडीएम आलोक रंजन के आदेश के बाद तहसील प्रशासन, नगर पंचायत के कर्मचारियों और पीपीगंज पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया।
नगर पंचायत पीपीगंज के अधिशासी अधिकारी अंजनेय मिश्रा ने मीडिया को बताया कि नगर पंचायत की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। एसडीएम कैंपियरगंज के आदेश और पीपीगंज पुलिस के सहयोग से जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया है।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में जहां-जहां सरकारी अथवा नगर पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें या मामले सामने आ रहे हैं, वहां संबंधित लोगों को नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार अन्य अतिक्रमणों को भी जल्द हटाया जाएगा।
वहीं, इस कार्रवाई को लेकर विजय सोनकर ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जमीन से संबंधित मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को उन्होंने न्यायालय की अवमानना बताया।
विजय सोनकर के अनुसार नगर पंचायत पीपीगंज की ओर से भेजा गया नोटिस न्यायालय के माध्यम से प्राप्त हुआ था, जिसका जवाब उनकी ओर से न्यायालय में दिया जा चुका है। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत प्रशासन अपनी मनमानी कर रहा है और कुछ लोगों की महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए न्यायालय की प्रक्रिया की अनदेखी की जा रही है।
नगर पंचायत प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नगर पंचायत की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना नगर पंचायत की जिम्मेदारी है।
फिलहाल आराजी नंबर 268 में 235 एयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई के बाद मामले को लेकर नगर पंचायत क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। एक ओर नगर पंचायत प्रशासन इसे सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई बता रहा है, जबकि दूसरी ओर संबंधित पक्ष ने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में आगे की स्थिति संबंधित न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
इस कार्यवाही में नगर पंचायत अधिशाषी अधिकारी अंजनेय मिश्रा, चेयरमैन प्रतिनिधि गुड्डू रावत, नायब तहसीलदार प्रकाश सिंह, कानूनगो, लेखपाल, पीपीगंज चौकी इंचार्ज आदित्य सिंह, उप निरीक्षक चंद्रेश्वर यादव, कांस्टेबल गोविंद यादव, महिला कांस्टेबल मनीषा यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
