गोरखपुर/ जिले के जंगल कौड़िया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत जंगल कौड़िया के टोला कहरपुरवा से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर लापरवाही का एक मामला सामने आया है। पीड़ित महिला अनीता चौहान का आरोप है कि वह पिछले लगभग 11 महीनों से परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

अनीता चौहान ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले अपना प्रार्थना पत्र एडीओ पंचायत को दिया था। उनके अनुसार एडीओ पंचायत ने संबंधित ग्राम सचिव को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी उन्होंने कई बार आवेदन दिए, लेकिन आज तक परिवार रजिस्टर में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया।
महिला का आरोप है कि जब वह अपनी समस्या लेकर ग्राम पंचायत की सचिव सुनीता सिंह से मिलने पहुंचीं तो सचिव मौके पर मौजूद नहीं थीं। इस दौरान उनके पति ने उनसे अभद्र व्यवहार किया, डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया और कहा कि पहले प्रधान से मिलो, प्रधान के कहने पर ही नाम दर्ज किया जाएगा। इस घटना के बाद महिला खुद को अपमानित और परेशान महसूस कर रही हैं।
पीड़िता का कहना है कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज न होने के कारण उनकी करीब छह वर्षीय बेटी के आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई सरकारी योजनाओं और प्रमाण पत्रों के लिए परिवार रजिस्टर आवश्यक होने के कारण उन्हें लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि महिला के आरोप सही हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं यह भी दावा किया जा रहा है कि पूर्व में भी इसी प्रकार की शिकायतों के चलते संबंधित सचिव की तैनाती कैंपियरगंज ब्लॉक में की गई थी तथा जांच के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इधर, इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। यदि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
