गोरखपुर/ समृद्धि परियोजना के अंतर्गत ब्रह्मपुर विकास खंड के प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित शिविर में ब्रह्मपुर विकास खंड के 56 दिव्यांग बच्चों का सहायक उपकरणों के लिए मापन कार्य कराया गया। मापन के बाद बच्चों की आवश्यकता के अनुसार उन्हें उपयोगी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिविर का आयोजन बीआरसी खोराबार में किया गया, जहां विशेषज्ञों की टीम ने दिव्यांग बच्चों की जरूरतों का आकलन करते हुए विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों के लिए आवश्यक माप लिया। इसमें बच्चों की आवश्यकता के अनुसार ट्राई साइकिल, स्मार्ट केन, टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री), कान की मशीन सहित अन्य सहायक उपकरणों के लिए मापन किया गया।

अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के अनुसार, मापन के आधार पर प्रत्येक बच्चे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए संबंधित सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे दिव्यांग बच्चों को विद्यालय आने-जाने, पढ़ाई करने तथा दैनिक गतिविधियों में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी शिक्षा में सहभागिता, स्वतंत्रता, गतिशीलता तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। सहायक उपकरण मिलने से बच्चों को अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी और विद्यालयी गतिविधियों में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
शिविर के सफल आयोजन और मापन कार्य में ब्रह्मपुर विकास खंड के विशेष शिक्षक नवनीत पांडेय एवं राजेश पाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, समृद्धि परियोजना की टीम से मनीष, युवराज, उषा, वंदना, नेबूलाल, राधेश्याम, सुशीला एवं सरिता सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
शिविर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। बेसिक शिक्षा विभाग और समृद्धि परियोजना की यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
