उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर के नगर पंचायत पीपीगंज में मुहर्रम का पर्व इस वर्ष भी शांति, भाईचारे और धार्मिक अकीदत के साथ संपन्न हुआ। मुहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों से पारंपरिक जुलूस-ए-अज़ादारी पूरे अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाले गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे क्षेत्र में प्रशासन की सतर्कता और लोगों के आपसी सहयोग की सराहना की जा रही है।

मुहर्रम के अवसर पर हैदरी अखाड़ा पीपीगंज और पुरानी बाजार क्षेत्र से भव्य ताजिया जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल मातमियों की टोलियां अलम, ताजिया और धार्मिक झंडों के साथ “या हुसैन” की सदाओं के बीच आगे बढ़ीं। रास्ते भर जगह-जगह नोहे और मरसिये पढ़े गए, जिससे पूरे वातावरण में गम और श्रद्धा का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल होकर इमाम हुसैन की शहादत को याद करते नजर आए।

मुहर्रम के मद्देनजर पीपीगंज थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने पहले से ही ताजिया स्थलों और जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया था। जुलूस के दौरान वह अपने पुलिस बल और हमराहियों के साथ लगातार भ्रमण करते रहे तथा सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला झझवा पोखरा पहुंचा, जहां पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
जुलूस के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता की मिसाल देखने को मिली, जिसने सामाजिक एकता का सकारात्मक संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर पीपीगंज पुलिस ने क्षेत्रवासियों, ताजिया कमेटियों, स्वयंसेवकों और सभी समुदायों के लोगों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस प्रशासन ने कहा कि नागरिकों के सहयोग, आपसी समझदारी और शांतिपूर्ण सहभागिता के कारण मुहर्रम का पर्व सकुशल संपन्न हुआ। प्रशासन ने भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
