नई दिल्ली/ देशभर में 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया महंगी हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा पासपोर्ट आवेदन शुल्क में विभिन्न श्रेणियों के अनुसार लगभग 50 से 75 प्रतिशत तक वृद्धि लागू कर दी गई है। नई शुल्क दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी हैं, जिससे अब नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।

नई दरों के अनुसार, सामान्य (Normal) श्रेणी में 36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए अब ₹2,500 और 60 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए ₹3,500 शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, तत्काल (Tatkaal) सेवा के तहत 36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए ₹5,000 तथा 60 पृष्ठ वाले पासपोर्ट के लिए ₹6,000 का शुल्क देना होगा।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो जाता है, क्षतिग्रस्त हो जाता है या दोबारा जारी कराना पड़ता है, तो उसके लिए पहले की तुलना में अधिक शुल्क देय होगा। सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणियों के अनुरूप नई दरें लागू की गई हैं।
हालांकि, सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को राहत देते हुए पासपोर्ट शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान भी जारी रखा है। इससे इन वर्गों के आवेदकों को नई दरों के बावजूद कुछ आर्थिक राहत मिलेगी।
पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले नई शुल्क दरों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद देशभर के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर इन्हीं संशोधित दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
