उन्नाव/ उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार स्लीपर बस के अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में पहुंच जाने से सामने से आ रही अर्टिगा कार उसकी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में चार अन्य परिजन समेत बस के आठ यात्री घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे उन्नाव जिले के बांगरमऊ थाना क्षेत्र के देवखरी गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुआ। हरियाणा के झज्जर से बिहार के नालंदा जा रही एक स्लीपर बस तेज गति से एक्सप्रेस-वे पर दौड़ रही थी। इसी दौरान चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया और बस डिवाइडर को तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पहुंची। उसी समय सामने से आ रही अर्टिगा कार बस की सीधी टक्कर का शिकार हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ ही क्षणों में घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा की रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, कार में सवार सभी लोग संतकबीरनगर जिले के बड़या बाबू गांव के रहने वाले थे। पूरा परिवार मंगलवार रात अपने घर से वृंदावन धाम के दर्शन के लिए निकला था। लखनऊ में कुछ देर विश्राम करने के बाद परिवार ने पुनः यात्रा शुरू की, लेकिन उन्नाव पहुंचते ही यह सफर हमेशा के लिए थम गया।
हादसे में विनोद (45), धुनमुन (60), अंजू (40), अमृता (6) और दिव्या (13) की मौके पर ही मौत हो गई। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं प्रिया (40), आर्यन (16), रिदा (5) और अपराजिता (10) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा बस में सवार आठ यात्रियों को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घायल आर्यन ने बताया कि परिवार खुशी-खुशी वृंदावन दर्शन के लिए निकला था। रास्ते में लखनऊ में कुछ समय रुकने के बाद सभी आगे बढ़े थे। अचानक सामने से एक तेज रफ्तार बस डिवाइडर पार करती हुई उनकी कार से टकरा गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को कुछ समझने या बचने का मौका ही नहीं मिला।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बस के अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करने की पुष्टि की है। वहीं कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि बस चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि चालक के नशे में होने की पुष्टि मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी। फिलहाल बस चालक से पूछताछ की जा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बस और कार को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार, लापरवाही और लंबी दूरी की यात्राओं में वाहन चालकों की सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चालक पर्याप्त आराम करें, गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन हो, तो इस प्रकार की दुखद घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
