उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र में लकड़ी के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। लकड़ी का कारोबार करने वाले तीन कारोबारियों ने दो लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं दूसरे पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना पीपीगंज में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार वार्ड संख्या-9 निवासी धीरू सिंह, वार्ड संख्या-12 निवासी मुस्तकिल अली तथा वार्ड संख्या-14 निवासी संतराज निषाद संयुक्त रूप से लकड़ी का कारोबार करते हैं। लकड़ी की ढुलाई के लिए उनके साथ चालक प्रभु सिंह तथा मजदूर मनोज हरिजन कार्य करते हैं।
पीड़ितों के अनुसार, शुक्रवार 3 जुलाई 2026 की शाम करीब 6:50 बजे वे गुरुकुल स्कूल के समीप नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा के यहां जलावन की लकड़ी उतारने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में फर्नीचर की लकड़ी लेकर वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रिंकू रावत और छोटू यादव वहां पहुंचे और लकड़ी व्यापारियों पर विवाद का झूठा आरोप लगाने लगे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कारोबारियों के साथ मारपीट की। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया, जबरन उठक-बैठक कराई गई तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
घटना के बाद तीनों कारोबारी थाना पीपीगंज पहुंचे और लिखित तहरीर देकर आरोपितों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर विधिक कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा ने बताया कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और संबंधित फुटेज सहित अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
उधर, पीपीगंज थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
