उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जिले के तुर्कवलिया गांव में राप्ती नदी के किनारे लंबे समय से चल रहे अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बृहस्पतिवार को एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कार्रवाई करते हुए पांच डंपरों को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तुर्कवलिया और जंगल कौड़िया इलाके में महीनों से अवैध खनन का कार्य लगातार जारी था। खनन के कारण राप्ती नदी का तट कमजोर हो गया है, जिससे बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर जमीन के भीतर से पानी रिसने की शिकायत भी सामने आई है, जो बांध की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने कई गंभीर अनियमितताएं भी पाईं। कुछ डंपर बिना नंबर प्लेट के चल रहे थे, जबकि कई चालक तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चला रहे थे। थाना प्रभारी पीपीगंज अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सभी दोषी चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तेज रफ्तार डंपरों के कारण क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान भी जा चुकी है। साथ ही, डंपरों से उड़ने वाली धूल और मिट्टी के कारण सड़कें खतरनाक हो गई हैं, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण निवासी पंकज कुमार यादव ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल और प्रशासन से की थी। उनका आरोप है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकार को राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिट्टी खनन की आड़ में रेत का अवैध खनन भी किया जा रहा है।
