गोरखपुर/ पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अंतर्गत पीपीगंज और मानीराम रेलवे स्टेशनों के बीच समपार संख्या 14 एवं 13 पर व्यापक रेलवे सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कनौजिया के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को रेलवे सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, जनसंपर्क कार्यक्रम और पोस्टर वितरण के माध्यम से लोगों को रेलवे ट्रैक के पास बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
रेलवे अधिकारियों ने ग्रामीणों को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि रेलवे ट्रैक, यार्ड और आसपास के क्षेत्रों में झाड़ियां, सूखी घास, पराली या कूड़ा न जलाएं। इससे आग लगने का खतरा रहता है, जिससे रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इसके साथ ही लोगों को यह भी बताया गया कि ट्रैक के आसपास पटाखे, विस्फोटक या किसी भी ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण करना बेहद खतरनाक है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे सुरक्षा टीम ने लोगों से अपील की कि रेलवे लाइन को केवल निर्धारित समपार फाटक या अधिकृत स्थानों से ही पार करें। अवैध रूप से लाइन पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।
साथ ही ट्रैक पर जानवरों को न ले जाने की भी सलाह दी गई, क्योंकि इससे ट्रेन संचालन प्रभावित हो सकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
रेलवे लाइन के पास रहने वाले परिवारों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने कहा कि चूल्हा, अंगीठी, स्टोव और गैस सिलेंडर का प्रयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक करें। किसी भी प्रकार की आग या चिंगारी रेलवे क्षेत्र तक पहुंच सकती है, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी को रेलवे ट्रैक या रेलवे क्षेत्र में आग लगने की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी रेलवे स्टेशन, आरपीएफ/जीआरपी थाना या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस अभियान के दौरान करीब 500 से 600 सुरक्षा पोस्टर (पंपलेट) वितरित किए गए। पोस्टरों के माध्यम से ग्रामीणों और राहगीरों को रेलवे सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक या रेलवे संपत्ति के आसपास आग लगाने या ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर “रेलवे एक्ट की धारा 151” के तहत पांच वर्ष तक की सजा या जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस अवसर पर संरक्षा सलाहकार, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल नकहा के निरीक्षक अमरनाथ, उप निरीक्षक शिवशरण, एसआई छविनाथ यादव सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
रेलवे प्रशासन ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े और हादसों पर रोक लग सके।
