उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कैंपियरगंज विद्युत खंड में अधिशासी अभियंता संजय कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे विस्तार से बताते हुए इसे अपनाने की अपील की।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर तेजी से लगाए जा रहे हैं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि यह नई तकनीक उपभोक्ताओं के लिए कई मायनों में लाभकारी साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज करना होगा, उसके बाद ही बिजली का उपयोग किया जा सकेगा। इससे बकाया बिल की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। साथ ही यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद करेगी।
अधिशाषी अभियंता संजय कुमार ने आगे बताया कि स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी बिजली खपत की जानकारी कभी भी और कहीं भी देख सकते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था में बिलिंग पूरी तरह पारदर्शी होगी, जिससे गलत बिलिंग और विवाद की संभावना बेहद कम हो जाएगी। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा स्वयं क्षेत्र में जाकर स्मार्ट मीटर जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत गांव-गांव और कस्बों में जाकर उपभोक्ताओं को नई तकनीक के लाभ समझाए जा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे UPPCL मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, जिसके माध्यम से वे आसानी से बिजली रिचार्ज कर सकते हैं, खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस अभियान में जीनस कंपनी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, जो लगातार उपभोक्ताओं के बीच जाकर जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।
अभियान की प्रगति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक कुल 23,431 प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 56,000 मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
अंत में अधिशासी अभियंता ने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे स्मार्ट मीटर की स्थापना में किसी प्रकार की बाधा न डालें और इस आधुनिक तकनीक को अपनाकर बिजली व्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दें।
इस प्रेस वार्ता में एसडीओ अमित आनंद और एसडीओ आशीष शुक्ला भी मौजूद रहे।
