गोरखपुर/ पीपीगंज में रेलवे प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत आने वाले पीपीगंज रेल परिसर में 11 अप्रैल को विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में रेलवे प्रशासन ने पहले ही दुकानदारों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दे दी है।

रेलवे द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि जिन दुकानों ने रेलवे की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, वे निर्धारित समय के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो 11 अप्रैल को रेलवे की टीम मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी। इस दौरान होने वाले किसी भी नुकसान के लिए संबंधित दुकानदार स्वयं जिम्मेदार होंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान रेल परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह सख्त निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण रेलवे क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
सूत्रों के मुताबिक, पीपीगंज क्षेत्र में कई दुकानदारों ने रेलवे की जमीन पर अपने आवंटित दुकान का विस्तार कर लिया है, इस अवैध अतिक्रमण के कारण रेल से सफर करने वाले यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है।
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल पीपीगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मंडल में इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर प्रशासन का सहयोग करें, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की तैनाती की जाएगी। रेलवे ने यह सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जाए।
इस सख्त रुख से साफ है कि रेलवे अब अपनी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह गंभीर है। ऐसे में दुकानदारों के पास अब केवल सीमित समय बचा है, जिसमें वे खुद ही अतिक्रमण हटाकर संभावित नुकसान से बच सकते हैं।
