गोरखपुर/ जिला जेल में निरुद्ध पीपीगंज थाना क्षेत्र के 30 वर्षीय विचाराधीन बंदी समीर शेख की इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल में अचानक तबीयत खराब होने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद जेल प्रशासन ने इसकी सूचना परिजनों को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीपीगंज क्षेत्र के जसवल गांव निवासी समीर शेख को न्यायालय के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ पारिवारिक विवाद, दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसी मामले में न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की थी।
जेल प्रशासन के मुताबिक, 21 अगस्त की शाम अचानक समीर की तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज दौरा पड़ा। जेल में मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे बिना देरी किए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। रात में लगभग 8:30 बजे विशेषज्ञ चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के अनुसार, समीर पहले से ही शराब सेवन की समस्या से ग्रसित था और उसे लीवर तथा किडनी संबंधी बीमारी भी थी। हालांकि उसकी अचानक हुई मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों के अनुसार, समीर परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। समीर ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से उसका एक बेटा और दूसरी पत्नी से दो बच्चे हैं। परिवार के मुताबिक, पहली पत्नी की ओर से दर्ज मामले में न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद उसे जेल भेजा गया था।
समीर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जेल प्रशासन ने शव के पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट को नामित करने का अनुरोध किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी।
