गोरखपुर के पीपीगंज के नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, मरीजों को घुटनों तक पानी पार कर पहुंचना पड़ रहा अस्पताल

उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर जनपद के नगर पंचायत पीपीगंज स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। बरसात के दौरान अस्पताल परिसर में हुए भारी जलभराव ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों को घुटनों तक भरे पानी के बीच से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है। इलाज के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस बार भी लगातार हुई बारिश के बाद अस्पताल का मुख्य परिसर पूरी तरह पानी से भर गया। पानी जमा होने से परिसर की सड़कें और रास्ते दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे फिसलकर चोट लगने का खतरा बना हुआ है।

सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों को हो रही है। कई मरीज मजबूरी में अपने परिजनों का सहारा लेकर पानी के बीच से अस्पताल तक पहुंच रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में अस्पताल आने से डर लगता है, लेकिन बीमारी के कारण मजबूरी में जोखिम उठाना पड़ता है।

अस्पताल परिसर में लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। हर बारिश में अस्पताल परिसर जलमग्न हो जाता है और मरीजों को उसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की कमी इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। यदि अस्पताल परिसर में उचित जल निकासी व्यवस्था होती तो मरीजों को इस तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। नालियों की सफाई, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और परिसर का समतलीकरण जल्द कराया जाए, ताकि मरीजों को सुरक्षित वातावरण में उपचार मिल सके। लोगों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सुविधा मिलनी चाहिए, न कि घुटनों तक पानी में चलकर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़े।

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