उत्तर प्रदेश/ महराजगंज जनपद महराजगंज के फरेन्दा तहसील क्षेत्र से जमीन के बैनामे में कथित धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि पति की आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिए उसने अपनी भूमि का केवल एक छोटा हिस्सा बेचने की सहमति दी थी, लेकिन आरोपियों ने विश्वास में लेकर उससे कहीं अधिक भूमि का बैनामा करा लिया। इतना ही नहीं, तय की गई पांच लाख रुपये की पूरी धनराशि भी नहीं दी गई। पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता फरेन्दा तहसील के थाना पुरन्दरपुर क्षेत्र की निवासी है। उसके अनुसार, संबंधित भूमि उसे उसके पिता द्वारा दान स्वरूप मिली थी। शादी के बाद उसके पति को पांच लाख रुपये की आवश्यकता पड़ी। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पति-पत्नी ने आपसी सहमति से भूमि का एक छोटा हिस्सा बेचने का निर्णय लिया।
शिकायत में कहा गया है कि जमीन बेचने के लिए गोरखपुर जनपद के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुर निवासी दो व्यक्तियों से बातचीत हुई। दोनों पक्षों के बीच एक लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर से पांच डिसमिल अर्थात लगभग 0.020 हेक्टेयर भूमि का सौदा पांच लाख रुपये में तय हुआ।
महिला का आरोप है कि 20 अक्टूबर 2024 को उसे और उसके पति को रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। वहां तैयार दस्तावेज पर बिना पढ़कर सुनाए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए गए। उन्हें बताया गया कि पांच लाख रुपये उनके बैंक खाते में जमा कर दिए गए हैं। चूंकि दोनों अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उन्होंने दस्तावेज पर भरोसा कर हस्ताक्षर कर दिए।
कुछ दिन बाद जब महिला अपने बैंक खाते से रकम निकालने पहुंची तो उसे पता चला कि खाते में केवल 1 लाख 70 हजार रुपये ही जमा हुए हैं। शेष रकम के बारे में पूछने पर आरोपियों ने पहले जल्द भुगतान का भरोसा दिया, लेकिन बाद में कथित रूप से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद महिला ने फरेन्दा स्थित उप निबंधक कार्यालय से बैनामे की प्रमाणित प्रति प्राप्त की। दस्तावेज देखने पर उसके होश उड़ गए। शिकायत के अनुसार, जिस भूमि का रकबा 0.020 हेक्टेयर होना चाहिए था, उसकी जगह 0.121 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया था।
महिला का यह भी आरोप है कि बैनामे में पांच लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख दो बैंक खातों में किया गया है। इनमें एक खाता उसका है, जबकि दूसरा बैंक खाता न तो उसका है और न ही उसके पति का। पीड़िता का कहना है कि उसका केवल एक ही बैंक खाता है, जिसमें मात्र 1.70 लाख रुपये ही प्राप्त हुए थे।
महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी कम शिक्षा का फायदा उठाकर दस्तावेज में हेरफेर की गई और विश्वासघात करते हुए उसकी अधिक जमीन अपने नाम करा ली गई। उसका कहना है कि यदि दस्तावेज उसे पढ़कर सुनाया गया होता तो वह कभी भी इतनी अधिक भूमि का बैनामा नहीं करती।
पीड़िता ने बताया कि उसने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक महराजगंज को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, फिर भी मामला दर्ज नहीं किया गया। कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिसके बाद पुरन्दरपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रार्थना पत्र में महिला ने कहा है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और लगातार उसे गुमराह करते रहे। ऐसे में न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना उसे न्याय मिलना संभव नहीं है। उसने न्यायालय से थाना पुरन्दरपुर पुलिस को एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना कराने का निर्देश देने की मांग की है।
