गोरखपुर/ पीपीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या 19 में स्थित एक होलसेल दवा दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे एक कथित अस्पताल के कमरे से चोरी का सामान और दीवार काटने का मलबा बरामद किया गया है। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, पीपीगंज नगर पंचायत के पुराने कार्यालय के पास में स्थित कमल फार्मा नामक होलसेल दवा दुकान के संचालक प्रवीण जायसवाल लगभग 20 दिनों से नगर से बाहर थे। उनकी अनुपस्थिति में दुकान बंद थी। शनिवार की शाम करीब पांच बजे जब वह वापस लौटे और दुकान का शटर खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के पीछे की दीवार पूरी तरह कटी हुई थी और अंदर रखा सामान गायब था।

पीड़ित ने तत्काल घटना की सूचना पीपीगंज पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर चोरी का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दुकान के पीछे संचालित हो रहे बिना पंजीकरण वाले किरन आई हॉस्पिटल में कुछ दिन पूर्व हरिकीर्तन का आयोजन किया गया था। इसी दौरान दुकान से सटी दीवार को पीछे से काटकर अंदर प्रवेश किया गया। चोरों ने दुकान के रैक को काटकर वहां रखे सीसीटीवी कैमरे, टीवी, लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस तथा लगभग एक लाख रुपये मूल्य की दवाएं चोरी कर ली थीं।
चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी किया गया अधिकांश सामान कथित अस्पताल के एक कमरे में ही छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से चोरी का सामान और दीवार काटने में निकला मलबा बरामद कर लिया।
क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह के नेतृत्व में पीपीगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे एवं भास्कर दुबे, निवासी ग्राम गूरम, थाना कैंपियरगंज के रूप में हुई है।
पीड़ित प्रवीण जायसवाल की तहरीर पर पीपीगंज थाने में अपराध संख्या 209/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305ए, 331(4), 352 तथा बढ़ोतरी धारा 317(2) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
इस घटना के खुलासे के बाद नगर क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने ऐसे संस्थानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पीपीगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा होने पर पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
