उत्तर प्रदेश/ बहराइच, कैसरगंज, अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा “लोकतंत्र समावेशी नागरिक सीख व मतदाता जागरूकता कार्यक्रम” अंतर्गत लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा कैसरगंज विकास खंड की 15 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर लोकतंत्र, नागरिक सहभागिता एवं मतदाता जागरूकता हेतु कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत से तीन-तीन डिजिटल साथियों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा इन प्रशिक्षित साथियों को अपने-अपने क्षेत्रों में परिवारों तक लोकतांत्रिक जानकारी, नागरिक अधिकारों एवं मतदान संबंधी संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी उद्देश्य से प्रत्येक पंचायत में नागरिक मंचों का गठन कर ग्रामीण परिवारों को संगठित किया गया है, जिससे संवाद और सीखने की एक सतत प्रक्रिया विकसित हो सके।
प्रत्येक पंचायत में 1-1व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया गया है जिसमे 150 परिवारों को जोड़ा गया साथ ही इन 150 परिवारों को 50-50 के तीन समूहों में विभाजित किया गया, प्रत्येक डिजिटल साथी को एक समूह की जिम्मेदारी दी गयी जो नियमित इनसे रूबरू होकर इन्हें जागरूक कर रहे साथ ही डिजिटल माध्यमो तक इनकी पहुँच सुनिश्चित हो सके हेतु सहायक के रूप में सहयोग कर रहे है।
डिजिटल और सामुदायिक दोनों माध्यमों का समन्वित उपयोग इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता है।
पंचायतवार बनाए गए व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से ऑडियो संदेश, वीडियो, डिजिटल पोस्टर एवं अन्य शिक्षण सामग्री साझा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर गांवों में नियमित बैठकों और संवाद सत्रों के माध्यम से नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा जा रहा है।
अब तक आयोजित 60 से अधिक बैठकों के माध्यम से लगभग 2250 परिवारों तक लोकतांत्रिक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा चुका है।
इसी क्रम में वर्तमान में ‘नागरिक मंच संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अब तक कैसरगंज के लगभग 15 चयनित पंचायतों में संवाद सत्र आयोजित हुए, जिनमें ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मतदान, नागरिक अधिकारों और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
अभियान की सबसे उल्लेखनीय विशेषता क्यूआर कोड आधारित लर्निंग हब है।
इसके माध्यम से ग्रामीण अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर मतदाता शिक्षा, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, नागरिक अधिकारों तथा उत्तरदायित्वों से संबंधित वीडियो एवं डिजिटल सामग्री तक सरलता से पहुंच बना पा रहे हैं।
इसके लिए पंचायतों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष क्यूआर पोस्टर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि अधिकाधिक लोग इस डिजिटलज्ञान-संसाधन से लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्था के कार्यकर्ता अर्पिता सिंह, मोहम्मद तौसीफ, ऊषा, ममता, अनिल, नीलम एवं खतीजा सहित डिजिटल साथियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इन सभी ने ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक, सहभागी और उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
संस्था की मुख्य कार्यकारी किरण बैस का कहना है कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जागरूक नागरिक सहभागिता की सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल नवाचार और सामुदायिक संवाद के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक चेतना को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोग न केवल अपने मताधिकार के महत्व को समझें, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी सक्रिय भूमिका भी निभा सकें।
