उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के बंजरहा गांव के पास राप्ती नदी में शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया।

प्राप्त सूचना के अनुसार पुलिस को दोपहर करीब 2:20 बजे सूचना मिली कि तीन युवक नदी में डूब गए हैं। सूचना मिलते ही चिलुआताल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों युवक सामान्य रूप से नहा रहे थे, तभी अचानक वे गहरे हिस्से में चले गए और पानी की तेज धारा में समा गए।
हादसे में लापता युवकों की पहचान इस प्रकार की गई है—
- शिव साहनी (20 वर्ष), पुत्र राम लखन, निवासी काजीपुर
- बंटी (20 वर्ष), पुत्र कृपा यादव, निवासी बरियारपुर
- शुभम यादव (22 वर्ष), पुत्र विनोद यादव, निवासी बरियारपुर
बताया जा रहा है कि तीनों युवक आपस में घनिष्ठ मित्र थे और रोजमर्रा की तरह गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने पहुंचे थे।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बंजरहा क्षेत्र में राप्ती नदी का स्वरूप बेहद खतरनाक है। यहां कई स्थानों पर अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे अनजान लोग आसानी से संतुलन खो देते हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को बुलाया गया। स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि नदी की तेज धारा और अधिक गहराई के कारण बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं, लेकिन टीमें लगातार युवकों की तलाश में जुटी हुई हैं।
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं तीनों युवकों के परिजन भी मौके पर मौजूद हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और सर्च ऑपरेशन की निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और हर संभव संसाधन का उपयोग कर जल्द से जल्द युवकों का पता लगाया जाए।
साथ ही, स्थानीय पुलिस बल को तैनात कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
