उत्तर प्रदेश/ गोरखपुर में मानीराम इंडेन सर्विस एजेंसी पर गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद Indian Oil Corporation (इंडियन ऑयल) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, कम गैस भरने, ओवररेटिंग और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतों की जांच के बाद की गई है।
इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के टेरिटोरियल मैनेजर रवि चंदेरिया ने बताया कि इन सभी गैस एजेंसियों की लगातार शिकायतें मिल रही थी। जिनकी जांच की गई। वैसे कंपनी समय समय पर अपने अधिकृत डीलरो की जांच करती रहती है जो कंपनी के मानक के शर्तों का उल्लंघन करते है और अन्य प्रकार के अनियमितता करते है उनके ऊपर कार्यवाही की जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 17 जिलों में कुल 22 गैस एजेंसियों पर इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे यह साफ होता है कि गैस वितरण व्यवस्था में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
स्थानीय नागरिक मुकेश कुमार, संजीव कुमार सिंह, विनोद यादव, रामहित मौर्य, धनंजय मिश्रा ने बताया कि जंगल कौड़िया ब्लॉक के मेहदरिया स्थित इस एजेंसी के गोदाम पर स्टॉक डिस्प्ले बोर्ड तक नहीं लगाया जाता। इससे उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि कितने सिलेंडर उपलब्ध हैं और कितने वितरित किए जा चुके हैं। नतीजतन, गोदाम पर लंबी कतारें लग जाती हैं और कई बार लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि गोदाम पर काम करने वाले कर्मचारी इंडियन ऑयल द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं रहते। पिछले 20 दिनों से एक महिला और एक पुरुष खुद को कभी मालिक तो कभी मैनेजर बताकर संचालन कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने इन दोनों की आय और गतिविधियों की जांच की मांग की है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता लाई जा सके।
उपभोक्ताओं का कहना है कि किसी भी सिलेंडर को तौलकर नहीं दिया जाता। यदि कोई ग्राहक सिलेंडर की माप या स्टॉक की जानकारी मांगता है, तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।
इसके अलावा, गोदाम पर खड़े लोगों के लिए पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 15 दिन पहले पीपीगंज क्षेत्र में होम डिलीवरी के दौरान गैस सिलेंडर की गाड़ी द्वारा 50 रुपये अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ दिनों तक सप्लाई बंद कर दी गई।
बाद में गाड़ी भेजी गई, लेकिन वह निर्धारित स्थानों पर डिलीवरी करने के बजाय बीच रास्ते में ही सिलेंडर बांटती रही। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई।
उपभोक्ताओं ने पूर्ति विभाग और तहसील प्रशासन से मांग की है कि गोदाम पर एक जिम्मेदार अधिकारी को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए-
- सभी कर्मचारियों के पास वैध आईकार्ड हो
- अनधिकृत व्यक्तियों को तुरंत हटाया जाए
- उपभोक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो
स्थानीय लोगों का कहना है कि धूप में लंबी लाइन में खड़े रहने से बेहतर है कि थोड़े ज्यादा पैसे देकर जल्दी सिलेंडर ले लिया जाए। यह स्थिति दर्शाती है कि उपभोक्ता किस तरह मजबूरी में शोषण का शिकार हो रहे हैं। जंगल कौड़िया और पीपीगंज क्षेत्र की लाखों आबादी इस समस्या से प्रभावित है।
